Kali Chalisa

काली चालीसा

✦ Kali

Lyrics (Devanagari)

॥ दोहा ॥
जय जय काली महाकाली, कर दो भव से पार।
दुष्ट संहारक शक्ति हो, हरो सकल संसार॥

॥ चौपाई ॥
जय जय काली कलिमल हरनी। भक्तन के दुख द्वंद्व निवारनि॥
श्यामवर्णा तनु घोर स्वरूपा। मुण्डमाल गल शोभित रूपा॥

खड्ग खप्पर कर में सोहे। रक्तबीज कुल नाश जो द्रोहे॥
शुम्भ निशुम्भ असुर संहारे। चण्ड मुण्ड दुष्टन को मारे॥

श्मशान वासिनी रूप कराला। भक्त हितकारी दयाल विशाला॥
दक्षिणेश्वर वासिनी माता। रामकृष्ण के हृदय समाता॥

कलकत्ता में काली धामा। भक्त पुकारे लेत विश्रामा॥
तेरा नाम जपे जो कोई। भय संकट सब दूर हो सोई॥

महाविद्या दस रूप तुम्हारे। सृष्टि पालन संहार तिहारे॥
शक्ति स्वरूपा जगत जननी। भक्तन के हित सदा सुखकरनी॥

॥ दोहा ॥
काली चालीसा भक्ति से, पढ़े जो मन लाय।
सब भय संकट दूर हों, माँ करुणा बरसाय॥

Meaning

This chalisa venerates Kali in her fierce protective form — dark-complexioned, garlanded with skulls, wielding sword and skull-bowl — as the destroyer of the demons Shumbha-Nishumbha and Raktabija, and as the compassionate mother worshipped at Dakshineswar.

When & Why It Is Recited

Recited during Kali Puja, Navratri, and by devotees seeking protection from fear, negative influences and enemies.