Sai Chalisa

साईं चालीसा

✦ Sai Baba

Lyrics (Devanagari)

॥ दोहा ॥
साईं बाबा शिरडी वाले, संकट हरो हमार।
प्रेम सहित जो सुमिरे, पावे भव से पार॥

॥ चौपाई ॥
जय जय साईं भोले भण्डारी। सद्गुरु साईं करुणा धारी॥
शिरडी धाम बसे भगवाना। सबके तुम हो अंतर्यामी जाना॥

द्वारकामाई में डेरा तेरा। जोत जले नित भक्ति का घेरा॥
हिन्दू मुस्लिम सबके प्यारे। सबका मालिक एक पुकारे॥

फकीर वेश में आये स्वामी। भक्त हृदय में बसते नामी॥
उधो लालसा भक्तन तेरी। द्वारकामाई में रहे बसेरी॥

अनेक भक्तन के दुख हरे। शिर्डी आये जो द्वार खरे॥
शमा जलाई उदी लगाई। भस्म भभूत महिमा दिखाई॥

बाबा जब जब भक्त पुकारे। तुरत सहाय करत हो प्यारे॥
अन्धकार में ज्योति जगाई। साईं नाम से आस बंधाई॥

द्वादश ज्योतिर्लिंग बताये। दत्तात्रेय अवतार कहाये॥
शिरडी में जो शीश नवावे। सो मन वांछित फल पावे॥

॥ दोहा ॥
साईं चालीसा जो पढ़े, प्रेम सहित मन लाय।
सब संकट कट जाय, साईं कृपा बरसाय॥

Meaning

This chalisa venerates Shirdi Sai Baba, who lived at the Dwarkamai mosque-temple, taught "Sabka Malik Ek" (one God for all), and is revered by Hindus and Muslims alike for his miracles and compassion toward devotees.

When & Why It Is Recited

Recited on Thursdays and during Sai Baba's Punyatithi (Ramnavami-linked Urus festival), by devotees seeking peace of mind and resolution of hardship.